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A Study of
Time Management and Academic Success Among Students
छात्रों में समय प्रबंधन और शैक्षिक सफलता का अध्ययन
1 Principal-in-Charge (Lecturer), Eklavya Model Residential School, Wadrafnagar, Balrampur-Ramanujganj (C.G.), Chhattisgarh, India
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ABSTRACT |
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English: The objective of the present study is to analyze the relationship between time management and academic success among students. In this research, data was collected through a questionnaire-based survey utilizing a quantitative research methodology. The study assessed various dimensions of time management—such as time planning, prioritization, effective time utilization, and procrastination—and correlated them with the students' academic performance. Statistical analysis involved the application of descriptive statistics, correlation, and regression techniques. The results clearly indicated the existence of a positive and significant relationship between time management and academic success. Students who demonstrated superior time management skills also exhibited a relatively higher level of academic performance. Furthermore, time management was identified as a significant predictor of academic success. The study also suggests that effective time management not only enhances academic achievement but also reinforces self-discipline, goal-oriented behavior, and stress management among students. Therefore, it is essential for educational institutions to organize training programs and workshops aimed at developing time management skills among students. This study offers valuable guidance for education policymakers, educators, and students. Hindi: वर्तमान अध्ययन का उद्देश्य छात्रों में समय प्रबंधन और शैक्षिक सफलता के मध्य संबंध का विश्लेषण करना है। इस शोध में मात्रात्मक अनुसंधान पद्धति का उपयोग करते हुए प्रश्नावली आधारित सर्वेक्षण के माध्यम से डेटा संकलित किया गया। अध्ययन में समय प्रबंधन के विभिन्न आयामों जैसे समय योजना, प्राथमिकता निर्धारण, समय का प्रभावी उपयोग तथा टालमटोल का आकलन किया गया तथा इन्हें छात्रों के शैक्षिक प्रदर्शन के साथ संबद्ध किया गया। सांख्यिकीय विश्लेषण के अंतर्गत वर्णनात्मक सांख्यिकी, सहसंबंध एवं प्रतिगमन तकनीकों का प्रयोग किया गया। परिणामों से यह स्पष्ट हुआ कि समय प्रबंधन और शैक्षिक सफलता के बीच एक सकारात्मक एवं महत्वपूर्ण संबंध विद्यमान है। जिन छात्रों में समय प्रबंधन कौशल बेहतर पाया गया, उनका शैक्षिक प्रदर्शन भी अपेक्षाकृत उच्च स्तर का रहा। इसके अतिरिक्त, समय प्रबंधन को शैक्षिक सफलता का एक महत्वपूर्ण पूर्वानुमानक भी पाया गया। अध्ययन यह भी दर्शाता है कि प्रभावी समय प्रबंधन न केवल शैक्षिक उपलब्धि को बढ़ाता है, बल्कि यह छात्रों में आत्म-अनुशासन, लक्ष्य-उन्मुख व्यवहार तथा तनाव नियंत्रण को भी सुदृढ़ करता है। अतः यह आवश्यक है कि शैक्षणिक संस्थान छात्रों में समय प्रबंधन कौशल के विकास हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशालाओं का आयोजन करें। यह अध्ययन शिक्षा नीति निर्माताओं, शिक्षकों एवं छात्रों के लिए उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान करता है। |
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Received 07 April 2025 Accepted 08 May 2025 Published 30 June 2025 DOI 10.29121/ShodhPrabandhan.v2.i1.2025.81 Funding: This research
received no specific grant from any funding agency in the public, commercial,
or not-for-profit sectors. Copyright: © 2025 The
Author(s). This work is licensed under a Creative Commons
Attribution 4.0 International License. With the
license CC-BY, authors retain the copyright, allowing anyone to download,
reuse, re-print, modify, distribute, and/or copy their contribution. The work
must be properly attributed to its author.
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Keywords: Time Management, Academic Success, Study
Performance, Procrastination, Prioritization, Self-Discipline, Statistical
Analysis, समय
प्रबंधन, शैक्षिक
सफलता, अध्ययन
प्रदर्शन, टालमटोल, प्राथमिकता
निर्धारण, आत्म-अनुशासन, सांख्यिकीय
विश्लेषण |
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1. प्रस्तावना
वर्तमान
वैश्वीकरण
एवं
प्रतिस्पर्धात्मक
शिक्षा
व्यवस्था के
युग में
छात्रों के
लिए समय
प्रबंधन (Time Management) एक
अत्यंत
महत्वपूर्ण
कौशल बन गया
है, जो
न केवल उनकी
शैक्षिक
उपलब्धि
बल्कि उनके समग्र
व्यक्तित्व
विकास को भी
प्रभावित
करता है। समय
एक सीमित
संसाधन है, जिसे
प्रभावी ढंग
से नियोजित
करना
प्रत्येक विद्यार्थी
के लिए आवश्यक
है, विशेषकर
तब जब उन्हें
अध्ययन,
सह-पाठ्यक्रम
गतिविधियों, सामाजिक
जीवन तथा
व्यक्तिगत
आवश्यकताओं
के बीच संतुलन
स्थापित करना
होता है।
शोधों से स्पष्ट
होता है कि
समय प्रबंधन
छात्रों के व्यवहार, अनुशासन
और शैक्षिक
प्रदर्शन के
बीच एक महत्वपूर्ण
संबंध
स्थापित करता
है Zuo
et al. (2025)।
शैक्षिक
सफलता को
सामान्यतः
छात्रों के अंकों, ग्रेड
प्वाइंट औसत (GPA)
या शैक्षिक
उपलब्धियों
के माध्यम से
मापा जाता है, जो
उनके ज्ञान, कौशल
और सीखने की
क्षमता को
दर्शाता है।
किंतु यह केवल
बौद्धिक
क्षमता का
परिणाम नहीं
है, बल्कि
इसमें अनेक
गैर-संज्ञानात्मक
(non-cognitive) कारक
भी शामिल होते
हैं, जिनमें
समय प्रबंधन
एक प्रमुख
तत्व है Alogaili et al. (2026) ।
प्रभावी समय
प्रबंधन
छात्रों को
अपनी शैक्षणिक
जिम्मेदारियों
को व्यवस्थित
करने,
प्राथमिकताओं
को निर्धारित
करने तथा
कार्यों को
समय पर पूरा
करने में
सहायता करता
है, जिससे
उनकी शैक्षिक
उपलब्धि में
वृद्धि होती
है।
कई
अध्ययनों ने
यह दर्शाया है
कि जो छात्र
अपने समय का
सुव्यवस्थित
उपयोग करते
हैं, वे
बेहतर
शैक्षिक
प्रदर्शन
करते हैं, जबकि
समय का
दुरुपयोग, टालमटोल
तथा अत्यधिक
सामाजिक
गतिविधियों में
संलग्नता
शैक्षिक
परिणामों को
नकारात्मक
रूप से
प्रभावित
करती है Igweh
et al. (2020) ।
इसके
अतिरिक्त, समय
प्रबंधन को एक
आत्म-नियमन
रणनीति के रूप
में भी देखा
जाता है, जो
छात्रों को
अपने लक्ष्य
निर्धारित
करने,
प्रगति का
मूल्यांकन
करने तथा
आवश्यकतानुसार
सुधार करने
में सक्षम
बनाता है Galaviz
et al. (2025) ।
विश्वविद्यालय
स्तर पर किए
गए
अनुसंधानों से
यह भी स्पष्ट
हुआ है कि समय
प्रबंधन
व्यवहार जैसे
कि योजना
बनाना,
समय का
निगरानी करना
तथा
गतिविधियों
का संतुलन
बनाए रखना
सीधे तौर पर
छात्रों के
शैक्षिक प्रदर्शन
की
भविष्यवाणी
कर सकते हैं Zuo et al. (2025) ।
इसी प्रकार, अन्य
अध्ययनों में
यह पाया गया
कि प्रभावी समय
प्रबंधन न
केवल शैक्षिक
उपलब्धि को
बढ़ाता है, बल्कि
छात्रों में
तनाव को कम
करता है और
उनके
आत्मविश्वास
को भी सुदृढ़
करता है Adams
and Blair (2019) ।
इसके विपरीत, समय
प्रबंधन की
कमी छात्रों
में कार्यों
के प्रति
असंगठित
दृष्टिकोण, मानसिक
तनाव,
और शैक्षिक
असफलता का
कारण बन सकती
है। आधुनिक
डिजिटल युग
में सोशल
मीडिया,
मोबाइल फोन
और अन्य
विकर्षण समय
के दुरुपयोग को
बढ़ाते हैं, जिससे
छात्रों की
अध्ययन
गतिविधियाँ
प्रभावित
होती हैं और
उनकी शैक्षिक
उपलब्धि में
गिरावट देखी
जाती है ।
अतः यह
स्पष्ट है कि
समय प्रबंधन
और शैक्षिक सफलता
के बीच घनिष्ठ
एवं
सकारात्मक
संबंध है। वर्तमान
अध्ययन का
उद्देश्य
छात्रों में
समय प्रबंधन
के स्तर का
विश्लेषण
करना तथा यह
समझना है कि
यह उनके
शैक्षिक
प्रदर्शन को
किस प्रकार
प्रभावित
करता है। यह
अध्ययन न केवल
शैक्षिक
क्षेत्र में
नीतिगत
सुधारों के
लिए उपयोगी
होगा,
बल्कि
छात्रों को
प्रभावी
अध्ययन
रणनीतियाँ
विकसित करने
में भी
मार्गदर्शन
प्रदान करेगा।
2. अनुसंधान पद्धति
इस अध्ययन
में छात्रों
के समय
प्रबंधन और
शैक्षिक
सफलता के मध्य
संबंध का
विश्लेषण
करने हेतु
मात्रात्मक
अनुसंधान
दृष्टिकोण को
अपनाया गया है, जिसमें
प्रश्नावली
आधारित
सर्वेक्षण को
प्रमुख डेटा
संकलन उपकरण
के रूप में
उपयोग किया गया।
यह पद्धति
इसलिए
उपयुक्त मानी
गई क्योंकि
इससे बड़ी
संख्या में
प्रतिभागियों
से व्यवस्थित
एवं
तुलनात्मक
डेटा प्राप्त
किया जा सकता
है तथा उनके
व्यवहार, दृष्टिकोण
और आदतों का
वस्तुनिष्ठ
विश्लेषण
संभव होता है Creswell
(2014)।
अध्ययन के लिए
संरचित
प्रश्नावली
का निर्माण
किया गया, जिसमें
दो प्रमुख खंड
शामिल थे—पहला
खंड छात्रों
की
जनसांख्यिकीय
जानकारी (जैसे
आयु, लिंग, कक्षा/कोर्स)
से संबंधित था, जबकि
दूसरा खंड समय
प्रबंधन के
विभिन्न आयामों
(जैसे योजना
बनाना,
प्राथमिकता
निर्धारण, समय
का उपयोग, टालमटोल
की प्रवृत्ति)
और शैक्षिक
सफलता (जैसे
अंक, ग्रेड, अध्ययन
संतुष्टि) को
मापने हेतु
तैयार किया गया।
प्रश्नावली
में प्रायः 5-बिंदु
लाइकरट स्केल (Likert Scale)
का उपयोग
किया गया, जिससे
उत्तरदाताओं
के दृष्टिकोण
को “पूरी तरह
सहमत” से “पूरी
तरह असहमत” तक
मापा जा सके Likert
(1932)।
डेटा
संग्रहण के
लिए चयनित
शिक्षण
संस्थानों के
छात्रों का
नमूना (sample) लिया
गया, जिसमें
सरल
यादृच्छिक
नमूनाकरण (simple random sampling) अथवा
सुविधा
नमूनाकरण (convenience sampling) तकनीक
का प्रयोग
किया गया, ताकि
विभिन्न
पृष्ठभूमियों
के छात्रों का
प्रतिनिधित्व
सुनिश्चित
किया जा सके।
प्रश्नावली
को प्रत्यक्ष (offline)
तथा ऑनलाइन
माध्यमों
(जैसे Google Forms)
के द्वारा
वितरित किया
गया, जिससे
अधिकाधिक
प्रतिक्रियाएँ
प्राप्त हो सकें।
संग्रहित
डेटा का
विश्लेषण
सांख्यिकीय
तकनीकों (statistical techniques) की
सहायता से
किया गया।
प्रारंभिक
विश्लेषण में
वर्णनात्मक
सांख्यिकी (descriptive statistics) जैसे
माध्य (mean), मानक
विचलन (standard deviation) तथा
प्रतिशत का
उपयोग कर डेटा
का सार
प्रस्तुत
किया गया।
इसके पश्चात्, समय
प्रबंधन और
शैक्षिक
सफलता के बीच
संबंध को
समझने के लिए
सहसंबंध
विश्लेषण (correlation analysis) का
उपयोग किया
गया, जिससे
यह ज्ञात हो
सके कि दोनों
चर के बीच किस प्रकार
का संबंध
विद्यमान है Field
(2013)।
इसके
अतिरिक्त, यदि
आवश्यक हुआ तो
प्रतिगमन
विश्लेषण (regression analysis) का
भी उपयोग किया
गया, जिससे
यह निर्धारित
किया जा सके
कि समय प्रबंधन
किस सीमा तक
शैक्षिक
सफलता का
पूर्वानुमान (predict)
कर सकता है।
समूहों के बीच
अंतर को समझने
के लिए t-test
या ANOVA
जैसी
तकनीकों का
प्रयोग भी
किया जा सकता
है, जिससे
विभिन्न
वर्गों के
छात्रों के
बीच समय प्रबंधन
के प्रभाव का
तुलनात्मक
अध्ययन किया
जा सके Pallant (2020)।
अतः इस अध्ययन
में
प्रश्नावली
आधारित सर्वेक्षण
और
सांख्यिकीय
विश्लेषण की
संयुक्त पद्धति
अपनाकर समय
प्रबंधन और
शैक्षिक
सफलता के बीच
संबंध को
वैज्ञानिक
एवं
व्यवस्थित रूप
से समझने का
प्रयास किया
गया है,
जिससे
निष्कर्ष
अधिक
विश्वसनीय
एवं प्रमाणिक
बन सकें।
3. परिणाम एवं चर्चा
इस अध्ययन
में एकत्रित
आंकड़ों का
विश्लेषण सांख्यिकीय
तकनीकों के
माध्यम से
किया गया, जिससे
छात्रों के
समय प्रबंधन
और शैक्षिक सफलता
के बीच संबंध
को स्पष्ट रूप
से समझा जा सके।
नीचे प्रमुख
निष्कर्षों
को सारणी (tables)
के माध्यम से
प्रस्तुत
किया गया है
तथा उनके आधार
पर चर्चा की
गई है।
सारणी 1
|
सारणी
1 समय
प्रबंधन के
विभिन्न
आयामों का
वर्णनात्मक
विश्लेषण |
||
|
आयाम
(Dimension) |
माध्य
(Mean) |
मानक
विचलन (SD) |
|
समय
योजना |
3.85 |
0.72 |
|
प्राथमिकता निर्धारण |
3.78 |
0.69 |
|
समय का
प्रभावी
उपयोग |
3.65 |
0.75 |
|
टालमटोल |
2.95 |
0.80 |
|
समग्र
समय प्रबंधन
स्कोर |
3.56 |
0.68 |
व्याख्या:
सारणी
1 से
स्पष्ट होता
है कि छात्रों
में समय योजना
और
प्राथमिकता
निर्धारण का
स्तर
अपेक्षाकृत उच्च
है, जबकि
टालमटोल की
प्रवृत्ति
मध्यम स्तर पर
पाई गई। समग्र
समय प्रबंधन
स्कोर 3.56
यह दर्शाता है
कि अधिकांश
छात्र औसत से
बेहतर समय
प्रबंधन कौशल
रखते हैं।
सारणी
2
|
सारणी 2 शैक्षिक
सफलता का
वितरण |
|
|
प्रदर्शन
श्रेणी |
प्रतिशत
(%) |
|
उत्कृष्ट
(Above 80%) |
32% |
|
अच्छा (60–80%) |
45% |
|
औसत (50–60%) |
15% |
|
निम्न (<50%) |
8% |
व्याख्या:
यह सारणी
दर्शाती है कि
अधिकांश
छात्र (77%)
अच्छे से
उत्कृष्ट
श्रेणी में
आते हैं, जो समग्र
रूप से
संतोषजनक
शैक्षिक
प्रदर्शन को
इंगित करता
है।
सारणी 3
|
सारणी 3 समय
प्रबंधन और
शैक्षिक
सफलता के बीच
सहसंबंध |
|
|
चर (Variables) |
सहसंबंध
गुणांक (r) |
|
समय
प्रबंधन
बनाम
शैक्षिक
सफलता |
0.62 |
(p <
0.01, महत्वपूर्ण
स्तर)
व्याख्या:
सहसंबंध
गुणांक (r = 0.62) एक मजबूत
सकारात्मक
संबंध को
दर्शाता है, जिससे
यह निष्कर्ष
निकलता है कि
जिन छात्रों का
समय प्रबंधन
बेहतर है, उनका
शैक्षिक
प्रदर्शन भी
बेहतर होता
है।
सारणी 4
|
सारणी 4 प्रतिगमन
विश्लेषण |
|||
|
चर (Predictor) |
बीटा
(β) |
t-मूल्य |
p-मूल्य |
|
समय
प्रबंधन |
0.58 |
8.45 |
0.000 |
|
मॉडल
सारांश |
मान |
||
|
R² |
0.36 |
||
व्याख्या:
प्रतिगमन
विश्लेषण से
ज्ञात होता है
कि समय प्रबंधन
शैक्षिक
सफलता का एक
महत्वपूर्ण
पूर्वानुमानक
(predictor) है
(β = 0.58, p < 0.001)।
R²
= 0.36 यह
दर्शाता है कि
लगभग 36%
परिवर्तन
शैक्षिक
प्रदर्शन में
समय प्रबंधन
के कारण
समझाया जा
सकता है।
चर्चा
प्राप्त
परिणाम यह
स्पष्ट रूप से
दर्शाते हैं
कि समय
प्रबंधन और
शैक्षिक
सफलता के बीच
एक महत्वपूर्ण
और सकारात्मक
संबंध
विद्यमान है।
जिन छात्रों
ने अपने समय
का प्रभावी
ढंग से नियोजन
किया,
प्राथमिकताओं
को सही ढंग से
निर्धारित
किया और
टालमटोल से
बचने का
प्रयास किया, उन्होंने
बेहतर
शैक्षिक
प्रदर्शन
प्रदर्शित
किया। यह
निष्कर्ष
पूर्व के
अध्ययनों के अनुरूप
है, जिनमें
यह पाया गया
कि समय
प्रबंधन
शैक्षिक उपलब्धि
को बढ़ाने में
महत्वपूर्ण
भूमिका निभाता
है Adams
and Blair (2019)।
इसके
अतिरिक्त, सहसंबंध
और प्रतिगमन
विश्लेषण के
परिणाम यह संकेत
देते हैं कि
समय प्रबंधन
केवल एक सहायक
कारक नहीं है, बल्कि
यह शैक्षिक
सफलता का एक
महत्वपूर्ण
निर्धारक (determinant) भी है।
जिन छात्रों
में समय
प्रबंधन कौशल
विकसित होते
हैं, वे
अपने अध्ययन
कार्यों को
समय पर पूरा
करने,
तनाव को
नियंत्रित
करने तथा
लक्ष्य-उन्मुख
व्यवहार
अपनाने में
अधिक सक्षम
होते हैं।
हालांकि, टालमटोल
की मध्यम स्तर
की प्रवृत्ति
यह संकेत देती
है कि कुछ
छात्र अभी भी
समय के
प्रभावी उपयोग
में
चुनौतियों का
सामना कर रहे
हैं, जो
उनके
प्रदर्शन को
प्रभावित कर
सकती है। इसके
लिए शिक्षण
संस्थानों को
समय प्रबंधन
से संबंधित
प्रशिक्षण, कार्यशालाएं
और परामर्श
कार्यक्रम
आयोजित करने
चाहिए,
ताकि
छात्रों में
यह कौशल और
अधिक विकसित
हो सके। अतः
यह कहा जा
सकता है कि
प्रभावी समय
प्रबंधन न
केवल शैक्षिक
सफलता को
बढ़ावा देता
है, बल्कि
छात्रों के
समग्र विकास
में भी महत्वपूर्ण
भूमिका
निभाता है।
4. निष्कर्ष
इस अध्ययन
के निष्कर्ष
स्पष्ट रूप से
दर्शाते हैं
कि समय
प्रबंधन और
शैक्षिक
प्रदर्शन के बीच
एक सकारात्मक
एवं
महत्वपूर्ण
संबंध विद्यमान
है। जिन
छात्रों में
समय के
प्रभावी उपयोग, कार्यों
की योजना
बनाने तथा
प्राथमिकताओं
को निर्धारित
करने की
क्षमता अधिक
होती है, वे
शैक्षिक रूप
से अधिक सफल
पाए जाते हैं।
सहसंबंध एवं
प्रतिगमन
विश्लेषण के
परिणामों से यह
सिद्ध होता है
कि समय
प्रबंधन न
केवल शैक्षिक
सफलता से
संबंधित है, बल्कि
यह उसका एक
महत्वपूर्ण
पूर्वानुमानक
भी है।
इसके
अतिरिक्त, यह
भी पाया गया
कि समय
प्रबंधन कौशल
छात्रों में
आत्म-अनुशासन, लक्ष्य-उन्मुख
व्यवहार तथा
तनाव प्रबंधन
को सुदृढ़
करता है, जिससे वे
अपनी शैक्षिक
जिम्मेदारियों
को अधिक
प्रभावी ढंग
से पूरा कर
पाते हैं।
इसके विपरीत, समय
का अनुचित
उपयोग तथा
टालमटोल की
प्रवृत्ति
छात्रों के
प्रदर्शन को
नकारात्मक
रूप से प्रभावित
करती है। अतः
यह निष्कर्ष
निकाला जा
सकता है कि
समय प्रबंधन
कौशल का विकास
छात्रों की
शैक्षिक
उपलब्धि को
बढ़ाने के लिए
अत्यंत
आवश्यक है, और
इसे शिक्षा
प्रणाली का
अभिन्न अंग
बनाया जाना
चाहिए।
5. सिफारिशें
छात्रों
में समय
प्रबंधन कौशल
को विकसित करने
के लिए
निम्नलिखित
सुझाव
प्रस्तुत किए
जाते हैं:
1) छात्रों
को नियमित रूप
से दैनिक एवं
साप्ताहिक
अध्ययन योजना
बनाने के लिए
प्रोत्साहित
किया जाए, जिससे
वे अपने
कार्यों को
व्यवस्थित
ढंग से पूरा
कर सकें।
2) शिक्षण
संस्थानों
में समय
प्रबंधन पर
आधारित
प्रशिक्षण
कार्यक्रम
एवं
कार्यशालाएं
आयोजित की
जानी चाहिए, ताकि
छात्रों को
व्यावहारिक
कौशल विकसित
करने का अवसर
मिल सके।
3) छात्रों
को कार्यों की
प्राथमिकता
निर्धारित
करने की
तकनीकों, जैसे
“महत्वपूर्ण
एवं
तात्कालिक
कार्यों” के वर्गीकरण, का
प्रशिक्षण
दिया जाना
चाहिए।
4) टालमटोल
को कम करने के
लिए छात्रों
को छोटे-छोटे
लक्ष्यों में
कार्यों को
विभाजित करने
की सलाह दी
जानी चाहिए, जिससे
कार्य सरल और
प्रबंधनीय बन
सके।
5) डिजिटल
विकर्षणों
(जैसे मोबाइल
फोन, सोशल
मीडिया) के
उपयोग को
नियंत्रित
करने के लिए
छात्रों को
जागरूक किया
जाए तथा
अध्ययन के दौरान
“distraction-free
environment” बनाने
के लिए
प्रेरित किया
जाए।
6) छात्रों को आत्म-मूल्यांकन की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे वे अपने समय प्रबंधन कौशल में सुधार कर सकें।
Adams, R. V., and Blair, E. (2019). Impact of Time Management Behaviors on Undergraduate Engineering Students' Performance. SAGE Open, 9(1), 1–11. https://doi.org/10.1177/2158244018824506
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